STORYMIRROR

धरती आज कर...

धरती आज कर रही पुकार, इंसानों मत करो मेरा संहार, तुम मुझे पहुंचा कर क्षति, स्वयं अपने भविष्य पर कर रहे हो वार।। मिली साहा

By मिली साहा
 372


More hindi quote from मिली साहा
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments