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चुप ही रहा मैं...
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चुप ही रहा...
“
चुप ही रहा मैं आज कल, सुना था लफ़्ज़ों से लोग रूठ जाया करते है,हैरानी तब हुई जब मेरी चुपी को वो मेरा गुरुर समझ बैठे,,
”
By
Prachi Gaur
76
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रूठना
हैरान
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Prachi Gaur
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