STORYMIRROR

बात कड़वी...

“ बात कड़वी है मगर सच्ची है उधार दीजिए मगर सोच समझकर, अपने ही पैसे भिखारी बनकर मांगने पड़ते हैं, और अगला सेठ बनकर तारीख पर तारीख ही रहता है। ”

By Keshav Bansal
 348


More hindi quote from Keshav Bansal
0 Likes   0 Comments
6 Likes   0 Comments
66 Likes   0 Comments
24 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments