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अक्सर तन्हाई...

अक्सर तन्हाई में, दिल के सभी ग़म लिखता हूँ.. कभी हँसी, कभी आँखे ये अपनी नम लिखता हूँ..!! फुरसत नहीं मुझे आजकल ज़रा भी फुरसतों से.. अल्फाज़ सभी मन के, इसलिए कम लिखता हूँ..!! :-✍️Arya Vijay Saxena ➖➖➖➖➖➖➖➖

By Arya Vijay Saxena
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