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जज़्बात है जो दिल के, वो न अब कभी कह पाऊंगा। अब क्या ही होगा कहने से, ये सोचता रह जाऊँगा ।। जज़्बात है जो दिल के, वो न अब कभी कह पाऊंगा। अब क्या ही होगा कहने से, ये...
जड़ से टूटी हुई डाली हो जैसे, सागर से दूर किनारा कहीं। है गलत ये की तुम हो सहारा उन्ही का, सच ये... जड़ से टूटी हुई डाली हो जैसे, सागर से दूर किनारा कहीं। है गलत ये की तुम हो सह...
जिंदगी का ये आलम इन सांसों से पूछो, हवाओं से जिनका नहीं मन भरा।अस्थियों का ये आलम चिताओं से पूछो, ज... जिंदगी का ये आलम इन सांसों से पूछो, हवाओं से जिनका नहीं मन भरा।अस्थियों का ये आ...