हकीकत छुप नही सकती बनावट के उसूलों से, खुशबू आ नहीं सकती कागज के फुलो से।
Share with friends
कोई राह हो जहा हम ना घुमे मंजिल की तलाश मे, कोई बात नही अब तो सुकून भि मिलने लगा है मोहब्बत की ईस आग मे।