I'm Sushil and I love to read StoryMirror contents.
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खुश भी हू उदास भी हू चेहरे पर खामोशी है बाते भी करता हू वजह क्या है पता नही औरो को बढावा देते देते गिर गये खुद के नजर मे जालिम है बहुत हम खुद की मासुमियत पर तरस नही आया।
रात हो गई तुम्हारा साथ चाहिए, काली रात में तेरा हाथ मेरे हाथ में चाहिए, कुछ पल के लिए नहीं पूरी जिंदगी भर तू मेरे साथ चाहिए....❤️