Banker by profession and Kavi by Heart
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पलकें बोझल, लक्ष्य ओझल, नैन तुम्हारा रस्ता देखे, तुम जो अगर आ जाते तो, इक लॉग इन मेरा हो जाता! ©कुमार प्राणेश (17/12/19) #Maha Login Day Special
मरहम अब जख्म को और सताता है, एक चाय है कि हमें आज तक सम्भाल रखा है! © ✍️ कुमार प्राणेश @ World Tea Day