नाम अलताफ है मेरा, एक अलग पहचान रखता हूं, मोहब्बत पसंद इंसान हूं, मोहब्बत पर लिखता हूं!
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मेरी बाबू को होली के लिए रंगों कि जरूरत नहीं मुझको देख कर ही वो लाल पीली हो जाती है ,, कोई बताए कि अब उसे मनाऊं या होली वो हर होली पर मुझसे नाराज हो जाती है,, मेरे हिस्से का गुलाल औरों को लगा कर यारों क्या बताऊं? वो मुझे बड़ा सताती है!!