Ankit Nayak
Literary Colonel
6
ପୋଷ୍ଟସ୍
8
ଅନୁସରଣକାରୀ
0
ଅନୁସରଣ କରୁଛନ୍ତି

Antisocial

ବନ୍ଧୁମାନଙ୍କ ସହ ବାଣ୍ଟନ୍ତୁ

किश्तो मे मिलते रहे झटके खैरात मे, हर रात 'ख्वाबो के जनाने' आते जज्बात मे, मौत तो मुकम्मल शय है "अंकित" हलाल कर रहा गश अतीत का,हाशिऐ से हयात में।। हयात- जिंदगी

मैने कागजो पर है परोसा गम-ए-हिज्र को। जमाना मुझे इश्क बेचने वाला सौदाई कहता है।


ଫିଡ଼୍

ଲାଇବ୍ରେରୀ

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