प्रेम ऐसा होना चाहिए जो लंका जाकर सीता को ले आए प्रेम ऐसा होना चाहिए जो बिना मिले भी राधा को होना चाहे प्रेम वो चाहिए जो सती से पार्वती के सफर में चल पाए इस कलयुग में चाहिए प्रेम ऐसा जो हर युग में मिसाल बन जाए
किसी ने पूछा कि समझदारी कब तक आतीं हैं? जवाब है कि, समझदारी उम्र देखकर नहीं बल्कि तजुर्बे से आती हैं।
कोई दूर चला जाए तो पास आने में वक्त लगता है। मरे हुए जज्बातों को फिर से जगाने में वक्त लगता है। यूं तो बातें बयान हो जातीं हैं आंखों से भी लेकिन दिल की बातों को बताने में वक्त लगता हैं।
हिस्सों में आए हुए चीजों का बंटवारा बराबरी से करना लेकिन किस्सों में आए लोगों का बंटवारा नहीं किया जाता।