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कुछ तो गुमान चाँद को भी होगा, आखिर करोड़ों की नजर जो उस पर टिकी है, हम तो यूँही बदनाम हुए हैं, ये बैरी चाँद भी कुछ कम नहीं।
न्याय का पथ नहीं आसान, रहना पड़ता तब सावधान, जब सच भी झूठ बन जाये, देना होगा सभी.. का ध्यान उमा वैष्णव