मैं तो एक धारा हूँ शब्दों की.. शब्दों के पार ही तो दिल के उद्गार बहते हैं..।
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वो कहते हैं कि भूल गए हैं हम अपने वादों को, बातों को, मुलाकातों को ! समझते क्यों नहीं? वक्त को, जज्बातों को, हालातों को !! © कोमल सोनी
# नई शुरुआत जीवन का हर पल एक नई शुरुआत है..अपने सपनों के प्रति अपने लक्ष्य के प्रति..तो आज ही कीजिए..एक नई शुरुआत !!! © कोमल सोनी
तेरी मेरी प्रीत,बंधनों से परे, यूँ छोड़ राह में जाना नहीं! रूह से महसूस करें तुझे हरदम, कहना कभी ना, मैं तेरा कान्हा नहीं!! © कोमल सोनी