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वक़्त वही, उसकी रफ़्तार, वही किसीका ग़लत, तो किसीका सही किसीका बीत जाए, तेजी से और किसीका, बीते ही नहीं कोई चूक जाए वक़्त अपना किसीका वक़्त, आए ही नहीं कोई कहता, वो है महेरबान कोई कहता मुझ पर, रहेम नहीं कोई बांटें वक़्त, सब के साथ कोई खुद के साथ