हम यहां तड़पे बादल वहां गरजे मेरे अश्क भांति रिमझिम यूं फुहार बरसे कुछ इस तरह बीती ये ज़िंदगी कि हर पल हम तुमसे मिलने को तरसे..... ✍️गौरी
हम यहां तड़पे बादल वहां गरजे मेरे अश्क भांति रिमझिम यूं फुहार बरसे कुछ इस तरह बीती ये ज़िंदगी कि हर पल हम तुमसे मिलने को तरसे..... ✍️गौरी
हम यहां तड़पे बादल वहां गरजे मेरे अश्क भांति रिमझिम यूं फुहार बरसे कुछ इस तरह बीती ये ज़िंदगी कि हर पल हम तुमसे मिलने को तरसे..... ✍️गौरी
हम यहां तड़पे बादल वहां गरजे मेरे अश्क भांति रिमझिम यूं फुहार बरसे कुछ इस तरह बीती ये ज़िंदगी कि हर पल हम तुमसे मिलने को तरसे..... ✍️गौरी
हम यहां तड़पे बादल वहां गरजे मेरे अश्क भांति रिमझिम यूं फुहार बरसे कुछ इस तरह बीती ये ज़िंदगी कि हर पल हम तुमसे मिलने को तरसे..... ✍️गौरी