Sudhir Kumar
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I am Science Teacher. I am writer in Hindi.I am very fond of reading books and writing Ghazals and Stories.

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हौसला दिल में आंखों में समंदर रखना। ग़म बेशकीमती हैं,दिल के अंदर रखना। सुधीर कुमार

आम लोग भी मैंने ज्यादा खुश देखें हैं, विरासत में जिन्हें दुःख मिला होता है। जिंदगी में सब- कुछ,बहुत नहीं होता, थोड़े में भी बहुत कुछ, छुपा होता है।। सुधीर कुमार

जीवन क्या है बस एक सपना है। वो भी अपना नहीं जो अपना है। हंसना रोना पाना खोना है यह, देना है लेना है और बस सहना है। सुधीर कुमार

फ़ुरसत नहीं तो जीवन बेकार। झूठे जग का तू चौला उतार। सुधीर कुमार

खुद से मिल चुका हूं, अब लोगों से नहीं मिलता। सुधीर कुमार

चल दुनिया को ,माफ़ कर दे। और नफ़रत को ख़ाक कर दे। सुधीर कुमार, सरहिंद,फतेहगढ़ साहिब,पंजाब।

"लाख आग जला लो चाहे, सूर्य उदय बिन रात ना जाती। लाख फूल सजा लो चाहे, बनावटी फूलों से खुशबू ना आती।" सुधीर कुमार

" फूल पर बैठी तितली को यूं नहीं उड़ाया करते। सबके नाज़ुक दिल होते हैं यूं नहीं सताया करते।" ~सुधीर कुमार

"देखा जो ज़िंदगी को तो मुझे कहना पड़ा। कमाल है तेरी फितरत सबको सहना पड़ा।" -सुधीर कुमार


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