साहित्य प्रेम मे ही जीवन है।
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जीवन सफर प्रारंभ होते ही ईश्वर कर्मों का काउंट डाउन शुरू कर देते है, और जीवन की गोधूलि बेला मे यमराज अपना काउंट डाउन शुरू कर देते है.... लक्ष्मी यादव
कल से सीख कर , आज से लड़कर और आने वाले कल का सपना संजोकर ही विकास के सोपान चढ़ना संभव है..... लक्ष्मी यादव
जिंदगी को जितनी सहजता, सरलता और सुंदरता से जियोगे उतने ही शांती तुम्हारे चारोँ ओर फैलती जायेगी.... लक्ष्मी यादव
वक्त के थपेड़ो को जितनी विनम्रता और सहजता से झेल लोगे, उतनी ही तेजी से दोबारा तन कर खड़े हो जाओगे, उसी प्रकार जैसे दूब अपने लचीलेपन से तेज तूफ़ाँ के समय झुक जाती है..... लक्ष्मी यादव