Usha Gupta
Literary Brigadier
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यद्धपि किसी के लिये भी भावों को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम लेखनी है, परन्तु मेरे सरीखे अन्तर्मुखी व भावना प्रधान व्यक्तियों के लिये लेखनी एक वरदान है। कभी-कभी मैं कविता एवं लेख के माध्यम से अपने भावों को अंकित करती थी जिसमें से कुछ प्रकाशित हुईँ। कम्प्यूटर क्षेत्र में कार्यरत रहते हुए... Read more

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प्रेम में ही वह शक्ति है जो गलत राह पर चल रहे व्यक्ति को सही राह पर चलना सिखा सके।।

अपने भाग्य के  विधाता आप स्वयं ही है। आपके कर्म ही आपके भाग्य को निर्धारित करते हैं। ।

प्रेम में ही वह शक्ति है जो गलत राह पर चल रहे व्यक्ति को सही राह पर चलना सिखा सके।।

अपने भाग्य के  विधाता आप स्वयं ही है। आपके कर्म ही आपके भाग्य को निर्धारित करते हैं। ।

आशा ही निराशा की जन्मदात्री है। आशा पूर्ण न होने पर ही निराशा का जन्म होता है। न आशा करें, न निराशा के शिकार हों।।

बच्चों को प्यार से ही सही राह पर ला सकते  हैं,  क्रोध करने से वे और भी ग़लत राह पकड़ लेंगें।।

मृत्यु शाश्वत सत्य है अतः निडर हो इस का स्वागत करने के लिये प्रतिपल तैयार रहो।।

पेट की भूख शरीर को दुर्बल कर देती है, पैसे की भूख चरित्र को दुर्बल कर देती है।।

पेट की भूख शरीर को दुर्बल कर देती है, पैसे की भूख चरित्र को दुर्बल कर देती है।।


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