Furhut Parween
Literary Captain
3
पोस्ट
0
फोल्लोवेर्स
0
फॉलोविंग

None

दोस्तों से साझा करें
Earned badges
See all

बेतरतीब होकर मैंने, जीने का सलीका सीख लिया। जब तक रहा अंदाज-ए-ख़ुशनुमा, हर शख्स से धोखा खाया है।

बेतरतीब होकर मैंने, जीने का सलीका सीख लिया। जब तक रहा अंदाज-ए-ख़ुशनुमा, हर शख्स से धोखा खाया है।


फीड

लाइब्रेरी

लिखें

सूचना
प्रोफाइल