Voice traveler and explorer
गम की तनहाई में तुम्हारी ढाल-सी हूँ, सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि हर एक बार...! गम की तनहाई में तुम्हारी ढाल-सी हूँ, सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि हर एक बार...!
माँ और बेटे के रिश्ते को दर्शाती भावविभोर करती एक कविता...! माँ और बेटे के रिश्ते को दर्शाती भावविभोर करती एक कविता...!
ये आँसू तुमपर नहीं भाते... ये आँसू तुमपर नहीं भाते...
एक नज़र में तुम उसे क्या ही जान पाओगे ? एक नज़र में तुम उसे क्या ही जान पाओगे ?
अंत तक हंसी आयी ही नहीं ..बस टीवी बंद करके जैसे ही उठी तो अख़बार में ज़ानवारों के लिये ब्यूटी सलून .. अंत तक हंसी आयी ही नहीं ..बस टीवी बंद करके जैसे ही उठी तो अख़बार में ज़ानवारों के ...