Teacher/Writer / शिक्षिका / लेखिका Himachal Pradesh
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संस्कृति और संस्कारों संग देश की आज़ादी का गौरव है, धरा सी इसमें सहनशीलता स्नेह और अदम्य साहस है, पुरुष संग कदम मिलाती महिला सशक्तिकरण का दौर दिखाती स्वर्णिम भविष्य की पहचान है नारी। आचार्या नीरू शर्मा
"न बैठो यूँ खाली तुम, विचारों को पंख लगाकर आसमान को छूकर हृदय तक आकर, काव्य का रूप लेने दो।" 'आचार्या नीरू शर्मा'
"मेहनत, ईमानदारी, निःस्वार्थ सहयोग से कर्म करते हुए मंज़िल की ओर बढ़ते चलो, चलते चलो।" 'आचार्या नीरू शर्मा'