कलम पर हुनर अपना समेट रहें हैं, हर बात हम कहा नहीं करते।।
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जीना एक कला है, दुख के अंधेरे में उजाला तलाशने की, रौशन होंगे चिराग-ए-मुकद्दर जरूरत है अपनी काबिलियत गहराई से आँकने की।। मंजू जोशी 'मनु'
यादें सुनहरी हैं उन्हें आँसुओं से गमगीन क्यों किया जाए, तेरे साथ का जब हर पल मीठा था, तो रोकर उन्हें नमकीन क्यों किया जाए! मंजू जोशी मनु