Harish Bhatt
Literary Colonel
181
लेखन
27
फोल्लोवेर्स
2
फॉलोविंग

Jaisa mahsus karta hoo, waisa likhta hoo.

मित्रांशी सामायिक करा
Earned badges
See all

अनकही रह गई कुछ बाते और बदल गई जिंदगी की राहें. -हरीश भट्ट

सच पूछो तो जो मजा पत्र-पत्रिकाओं को पढ़ने में आता है वह इंटरनेट पर सोशल साइट्स में कहां?

सच पूछो तो जो मजा पत्र-पत्रिकाओं को पढ़ने में आता है वह इंटरनेट पर सोशल साइट्स में कहां?

वक़्त की नजाकत समझ न आई और जिद यह कि सब कुछ पता है.

दो गज की दूरी के कई फायदे हैं जैसे कानाफूसी नहीं होगी और हर काम में पारदर्शिता बनी रहेगी.

हम भी थे दीवाने, मुहब्बत की तेरी लेकिन दम तोड़ गए अरमान मेरे उलझ कर तेरी काली जुल्फों के साये मे

दूसरों के कंधों पर उछलने से अच्छा है अपने पैरों पर रेंगना.

दूसरे के कंधो पर उझलने से ज्यादा बेहतर है अपने पैरो पर उचकना।

इंसान की क्या कहें यहां तो चांद भी बेदाग नहीं है.


फीड

लाइब्रेरी

लिहा

सूचना
प्रोफाइल