Loving poet, love nature and human beings
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आप सच में नादान ही हो , तभी तो मेरी नाराजगी नही समझी। अगर समझ गयी होती जो, तो मैं-तुम नहीं, हम होते।।
जिन्दगी में सफल होना हो तो चुप चाप सबकी सुनो। और जो दिल ने कहा है उसे पूरा करने में पूरी जोर लगा दो।। चेतन चक्रवर्ती
मैं क्या उठु? कोई गिरा थोड़े ही था। वो तो मेरी विनम्रता है, जो मुझे झुकना सिखलाती है।। लेखक चेतन चक्रवर्ती