ज़िंदगी के गहरे सवालों में उलझी है ये ज़िन्दगी, जब छोड़ कर एक साथी चला जाता है, तो चारों तरफ़ से घीर जाती है ये जिंदगी, दिखावे का प्यार तो बहुत दिखा देते है, मगर दिल से सौदे बहुत कर लेते है ए जिंदगी, किस राह पर मुझे ला के खड़ा कर दिया है ए जिंदगी, सांस आती तो है मगर सांस लेने में, दिक्कत बहुत होती है ए जिंदगी, यूं ही सांसों से लड़ कर हमारी कट जाएगी ये ज़िन्दगी। पूनम वशिष्ठ