Freelance writer-poet
रात का नशीलापन, सुबह की ताज़गी मस्तियाँ दोपहर की, शाम की आवारगी. गजरे की भीनी सुगंध, खनखनाती चूड़िया... रात का नशीलापन, सुबह की ताज़गी मस्तियाँ दोपहर की, शाम की आवारगी. गजरे की भीनी स...
भरपूर आनंद जीवन का लेने को तत्पर त्याग कर सारी कुंठाओं को तैयार पतंग के सामान ऊँची उड़ान भरने को आजकल... भरपूर आनंद जीवन का लेने को तत्पर त्याग कर सारी कुंठाओं को तैयार पतंग के सामान ऊँ...
रात्रि का अन्धकार मूक, बधिर, उपेक्षित जीवन के आधारभूत मुल्यों को टटोलता इंसानो के अंतर्मन को समझने क... रात्रि का अन्धकार मूक, बधिर, उपेक्षित जीवन के आधारभूत मुल्यों को टटोलता इंसानो क...
शक्ति तुम्ही, भक्ति तुम्ही हो ममता तुम्ही, समता तुम्ही हो प्रेरणा तुम्ही, साधना तुम्ही हो शक्ति तुम्ही, भक्ति तुम्ही हो ममता तुम्ही, समता तुम्ही हो प्रेरणा तुम्ही, ...