I'm Nitu and I love to read StoryMirror contents.
रोज शाम जब पापा काम से लौट के आते थे घर खुशियो से भर जाता था आज आंखे नम हैं केवल पापा मुस्कुराते हैं तस्वीर में..✍ Nitu Arora
दुनिया की तीखी धूप से बचा के रखते थे पापा बिन कहे हर बात समझते थे पापा आज नही हैं तो बहुत याद आते हैं पापा..✍ Nitu Arora
दुनिया ने कहा अपाहिज हो घर पर रहो पापा ने कहा चलती तो सारी दुनिया हैं, थामा हाथ उड़ना सीखा दिया..✍ Nitu Arora