my first story published for a magazine and I am still in a way to write better...
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वाह रे वाह इंसान, तुमने भी क्या खूब बदला है अपना तौर-ए-ज़िंदगी के लोग,अब जानवरों से भी ज्यादा, तुम से डरते हैं अजय कुo शर्मा
उन्हें अक्सर मुझसे शिकायत रहती की मैं, बातें अधूरी करता हूँ पर उसने तो इश्क़ ही अधूरी कर दी। - अजय कु० शर्मा