Ankita Choudhury

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आज तो प्रकृति भी मनुष्य के प्रकृति पर हँस पड़ी।

मानो आँगन जैसे थम सा गया है बचपन जैसे कही गुम सा गया है आज भी आस लगाए बैठी हु बच्चा बने को पर वो दिन कही खो से गए है।

वन्यजीवन हमारे प्रकृति का एक एहम हिस्सा है उसे सुरक्षित रखना हमारी ज़िमेदारी है ना की उससे नुकसान पहुचाना है।

दुनिया में सारी शुभकामनाएँ एक तरफ और माता-पिता के शुभकामनाएँ एक तरफ क्योंकि उनके दुआ के बिना हमारे सारे सफ़लता अधूरी हैं

आपके मन की इच्छा को पूरा करने के लिए एक पिता अपने सारे इछाओ का बलिदान दे देते हैं।।।

अक्सर लोग शराब की लत को बुरी आदत कहते है पर जनाब कुछ लोग शराब शॉक से नही पिटे है वे अपने टूटे हुए दिल के गम को भुलाने के लिए नशा करते है।।।।

भय तो कई प्रकार के होते है पर जो भय अपनों से बिछड़ कर जीने का होता है वो मृत्यु के भय से भी बड़ा होता है।।।।

जीवन के अर्जित कोई भी ज्ञान व्यर्थ नही होता है क्योंकि वक़्त आने पर वे सारे ज्ञान सही उपयोग में आते है।।।

ज़िन्दगी एक चीज़ जरूर सीखा देती है वो यह है कि कोई भी कार्य करने में देरी नही होती है क्योंकि सारे कार्य उनके उचित समय आने पे ही पूरे होते है


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