I'm Sangeeta and I love to read StoryMirror contents.
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पत्र जो लिखा वो कभी भेजा नहीं गया कहना था तुमसे बहुत कुछ,पर कहा नहीं गया आज कुरेदा जब अतीत को अपने तो दर्द इतना था कि सहा नहीं गया
तेरा मेरा अनकहा रिश्ता है ऐसा मछली का पानी के संग है वैसा जैसे बिन पानी मछली का जीवन है अधूरा वैसे ही तुम बिन कहां होता हूं मैं पूरा