मेरा नाम एकता गुप्ता है । मैं एक शिक्षिका हूँ । मुझे लिखना पसंद है । छात्रों के बीच रहकर उनके नैतिकता का विकास करना मेरा प्रथम कर्त्तव्य है ।
Share with friends
सशक्तिकरण सशक्तिकरण की बात जहां होती है, प्रथम नारी से ही शुरुआत हो जाती है। नारी बनेगी सशक्त खुद के विचारों से, न कि किसी सरकार के द्वारा उठाए नियम कानूनों से। एकता गुप्ता
जब सफलता लगी मचाने शोर, तब बज गया डंका तेरे हुनर का चारों ओर। जो कहते थे कुछ न कर पाएगा, वो कहते है हमे तो पता है यही कुछ कर दिखाएगा ।
है नया आगाज़ नयी शुरुआत, हर कदम आत्मविश्वास के साथ... होंगे सपने साकार फिर इस नयी शुरुआत के साथ। एकता गुप्ता