Feminist AF।। Queer Ally Theatre Artist 💫 Blogger🎨 Exploring adventures! No quitter 💥 . . रात ने अपना सफ़र तय कर लिया हैं, मुस्कुरा, अंदर सरआए में कोई कह रहा हैं, मुस्कुरा, दिल के अंदर ये इबादत काजब मौला की हैं, तो यूँ सुने जो भी मोसे कह रहा हैं, मुस्कुरा।
ବନ୍ଧୁମାନଙ୍କ ସହ ବାଣ୍ଟନ୍ତୁ