सुनी सुनाई कहते नहीं और किसी के पीछे रहते नहीं !!
Share with friends
यें बारिश की बूँदे भी ना जाने क्या ख़ता कर रहीं हैं महबूब की यादों को ताज़ा कर जाने क्या अता कर रही हैं