प्रियंका शर्मा
Literary Colonel
20
Posts
14
Followers
0
Following

None

Share with friends
Earned badges
See all

झूठो के संग हर दिन एक नया काफिला देखा है सच्चो को तो जब भी देखा तन्हा देखा है

दिन ने जब से तुमको देखा रातें भटकी भटकी रहती हैं मेरी मीठी नींदें लौटा दो आँखें कड़वी कड़वी रहती हैं

बिस्तर छोड़ कर मुँह भी धोना पड़ता है फ़कत सूरज के उठ जाने से दिन नहीं निकला करते

गढो किरदार कुछ इस तरह से जो आने वाली नस्ले कुछ सीख ले तुमसे


Feed

Library

Write

Notification
Profile