मैं एक विद्यार्थि हूँ ।
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उड़ने दो मिट्टी को आखिर कहाँ तक उड़ेगी, हवाओ ने जब साथ छोड़ा तो जमीन पर ही गिरेगी,, जो लोग आलोचना से ड़रते है, वह जीवन में कुछ नहीं कर पाते है, सफर जितना कठिन होता है मंजिल उतनी ही शानदार होती है।