Media भी बिकाऊ हो गयी,,
और शोषण भी क्यूँ ना बढ़े इस देश में.....
जहाँ क्रिमिनल सारे नेता बन गए,,
और युवा फसा है केस में....
जिन्दगी की तलाश में अपनों के बसेरे छूट जाते हैं,
नींद में देखे ख्वाब सवेरे टूट जाते हैं।
बहुत मुश्किल है यहाँ सबको खुश रखना,
चिराग जलाते ही अँधेरे रूठ जाते हैं।।