Siddhant Garg
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जिस प्रकार लौंग, इलाइची और तुलसी के पत्ते की बिना चाय, चाय नहीं होती। जिस प्रकार लौंग, इलाइची और तुलसी के पत्ते की बिना चाय, चाय नहीं होती। उसी प्रकार मनाली, मसूरी और श्रीनगर बिना घूमे सर्दी, सर्दी नहीं होती।

जिस्मानी प्यार तोह आप पैसे देकर भी कर सकते हो। लेकिन अपने दिल के बदले दिल खरीद के दिखाओ। हम भी जान जाएंगे की आप दिल से कितना प्यार कर सकते हो।

नहीं फर्क पड़ता की कौन कितना महान है। नहीं फर्क पड़ता की कौन कितना महान है। ऐ ज़िन्दगी तुझसे सिर्फ एक माँग है दिसंबर के महीने में एक कप चाय, वो और सुकून की मांग है।

खाने का जायका बदलता रहना चाहिए नहीं तो खाने में मज़ा नहीं आएगा। खाने का जायका बदलता रहना चाहिए नहीं तो खाने में मज़ा नहीं आएगा ज़िन्दगी में परिवर्तन आता रहना चाहिए नहीं तो जीने में मज़ा नहीं आएगा।

मैंने उसको चाहा दिल से लेकिन शायद वो मुझे अपना बनाना नहीं चाहती थी। मैंने उसको चाहा दिल से लेकिन शायद वो मुझे अपना बनाना नहीं चाहती थी। फिर भी हमने उसको चाहना नहीं छोड़ा हम इस कश्मकश में रहे गए और भूल गए उसको जो हमे अपना बनाना चाहती थी।


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