चमकते सुथरे कागज़ पर उतारू अनुभवों से मोती चुनकर मोर पंख की कलम से लफ़्ज़ों को ज्ञान की स्याही में डुबोकर मोतियों समान पंक्तियों को अपने विचारों के घागे में पिरोकर सवारूँ अपनी लेखनी के रूप को कविता की माला पहनकर। © Jalpa lalani 'Zoya' तीन पुस्तक Amazon पर और दो पुस्तक notionpress पर... Read more
Share with friends
No Audio contents submitted.