Artist,writer,influencer
Share with friends
आज भी मेरी जिंदगी, तेरी यादों में कैद है तेरा अक्स कहीं नहीं, मगर तेरा वजू़द मुस्तैद है नंदिता माजी शर्मा ©®
अपने शब्दों की धूल, आपके दामन में लपेट जाएंगे, खुद के बिखरे अल्फाजों में, आपको समेट जाएंगे..... नंदिता माजी शर्मा ©®
असमंजस में हूं कि - किस विधा में लिखूं? दिल कहता है, बस... संविधा में लिखूं...... नंदिता माजी शर्मा ©®