Muskan Bajar

4
Posts
0
Followers
0
Following

I'm Muskan and I love to read StoryMirror contents.

Share with friends

इश्क का क्या है, वो तो राजा को भी फकीर बना दे | किसी की आँखों का अक्ष बन जाए किसी को किस्मत वाले हाथों की लकीर बना दे |

प्यार की गलियों में किस्मत आजमाने का मोका मिला, तुझे पाने की चाह किसे थी हम तो बस ये सोच के खुश के एक दफा तुझे चाहने का मौका मिला |

जब भी तुझे देखती हूँ, हर दफा शर्म में झुक जाती मेरी नज़र क्यों है? मेरा तो रोम रोम काप जाता है, तुझसे मिलने पर फिर तू इतना बेखबर क्यों है?

खुद निकाल मुझे अपने दर से क्यों चली गई मैं दूर पूछ रहा है | मैंने उसके गुनाहों पर किताब लिखदी वो अनजान बना अपना कसूर पूछ रहा है |


Feed

Library

Write

Notification
Profile