अनंत के पथ पर बढ़ता एक पथिक !
Share with friends
अपने कर्मों का फल अगले जन्मों में या कहीं और नहीं मिलता बल्कि इसी जीवन में और यहीं मिलता है । अतः कर्म करते समय पूर्णतः सचेत रहें । किसी का दिल न दुखाएँ । - 'चाँद'
जो ईश्वर में विश्वास नहीं रखते वे अपने माता - पिता की छोटी - छोटी खुशियों का ख्याल रखें । अच्छी अनुभूति होगी - 'चाँद'