@kavita-sachin-rohane

Kavita Sachin Rohane
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"बहाने तो हजारो थे लेकीन कभी हिम्मत ही नही हुई जिम्मेदारीयों को छोडने की"..

आईना भी कभी कभी धूल से जम जाता है जनाब हम तो फिर भी इन्सान है..

यह आसमान भी बडा गजब है मीलों दूर होकर भी पाणी को अपने रंग में रंग ही देता है..

कभी कभी पता ही नही चलता है की हमे जिंदगी मे क्या चाहिये बस जीते ही चले जाते है..

कभी कभी पता ही नही चलता है की हमे जिंदगी मे क्या चाहिये बस जीते ही चले जाते है..

यह आसमान भी बडा गजब है, मीलों दूर होकर भी पाणी को अपने रंग में रंग ही देता है.

जीवन हे प्रेमाच्या रंगात रंगून अजून रंगीत होते..

जीवन हे प्रेमाच्या रंगात रंगून अजून रंगीत होते..

जीवन हे प्रेमाच्या रंगात रंगून अजून रंगीत होते..


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