Reasercher, Traveller, Accidental Poet https://www.facebook.com/srtchem ज्ञान विज्ञान शोध साधना सब अन्तर्मन की आराधना
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हम भरोसा है करते इंसान पर क्या रखा उसके पहचान पर रूप में है नहीं नक्स में है नहीं जीत होती है बस ईमान पर सरिता त्रिपाठी
दोस्त हो एक ही पर दोस्ती रहे दिल मे न नफरत की कश्ती रहे आबाद उसकी सदा ही बस्ती रहे जिन्दगी भर दोस्तों की हस्ती रहे सरिता त्रिपाठी
है जिंदगी खूबसूरत, खिली हुई जो गुल कली आज नहीं तो कल, सूखेगी पंखुड़ी सरिता त्रिपाठी लखनऊ, उत्तर प्रदेश
ठंढ की सुहानी दस्तक दिल को लुभा रही है सूरज की किरणों को पास बुला रही है सरिता त्रिपाठी लखनऊ, उत्तर प्रदेश