@ajl7ovzz

Prafulla Kumar Tripathi
Literary Colonel
AUTHOR OF THE YEAR 2019 - NOMINEE

197
Posts
135
Followers
1
Following

आकाशवाणी की सेवा से रिटायर्ड।लेखन में रुचि।विभिन्न संस्थाओं से पुरस्कृत।

Share with friends
Earned badges
See all

Submitted on 29 Apr, 2021 at 04:37 AM

उठती गिरती सांसें जैसे , ममता मां की ठीक ही वैसे ।

Submitted on 24 Apr, 2021 at 16:06 PM

हाथ खोल कुदरत ने लुटाई हर दौलत , तुमने मिल कुदरत को ही क्यों लूट लिया ?

Submitted on 02 Mar, 2021 at 07:10 AM

झुक के उठना जीत है , पर उठ के झुकना हार है।

Submitted on 02 Mar, 2021 at 07:08 AM

जो चले गये कुछ देके गये , जो आते अब , सब ले जाते ।

Submitted on 02 Mar, 2021 at 07:03 AM

झुक के उठना जीत है पर उठ के झुकना...हार !

Submitted on 25 Nov, 2020 at 08:42 AM

वह और दौर था जब हम सिर्फ दुपट्टा खींच कर अपनी आशिकी जताया करते थे ! आज का दौर है जब सीधे होठों पर चुम्बन जड़कर अपनी आशिकी का इजहार कर दिया जाता है !..कोई शक़ ?

Submitted on 25 Nov, 2020 at 08:35 AM

जानेमन ! मैं आज भले ही पचपन का हूँ , मेरी उम्र बचपन और योैवन की है | हाँ हाँ ! बचपन है तो मैं हूँ , यौवन है तो तुम हो !

Submitted on 25 Nov, 2020 at 08:35 AM

जानेमन ! मैं आज भले ही पचपन का हूँ , मेरी उम्र बचपन और योैवन की है | हाँ हाँ ! बचपन है तो मैं हूँ , यौवन है तो तुम हो !

Submitted on 25 Nov, 2020 at 08:29 AM

ये स्साली जो अपुन के अंडरवियर के नीचे वाली चीज़ है ना वो बहुत ही खराब है |उसके लिए कितनी लड़ाइयां लड़ी जाती रही हैं..कितने राजे राजवाड़े धूल धूसरित हो गए |...या खुदा अगर तूने इसे ना बनाया होता तो कितनी अच्छी बात होती !


Feed

Library

Write

Notification

Profile