लिखना सिर्फ शौक नहीं है मेरा एक मित्र की तरह साथ देती हैं ये कहानियाँ, ये कविताएं l -------- नेहा चौधरी
Share with friends
वही जिंदगी, वही लोग सब कुछ तो है पुराना फिर किस बात का नया साल फिर क्यूँ खुशियाँ मनाना.. हर दिन मुस्कुराते रहो छोड़ो 2023 का बहाना...
कुछ लोग कमीने होते हैं कुछ ज्यादा कमीने होते हैं पर मुझे कमीनो का बाप बनना है मेरी अच्छाई दुनियां बालों से देखी नहीं जा रही l