मैं अनूप अंबर मैं कविता लिखना और पढ़ना ही बेहद पसंद है, अभी तक मेरे लगभग 9 साझा संकलन प्रकाशित हो चुके हैं।। और कई पत्र पत्रिकाओं में कविताएं प्रकाशित हो चुकी है, अभी तक 200 से अधिक सम्मान पत्र प्राप्त हो चुके है, मैं कई साहित्य मंचों से साहित्य पाठ करता रहता हूं।। मेरे पूज्य कवि श्री शिव... Read more
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गैरों की बाहों में क्या, तुझे सच में करार आता है, सच सच बता क्या तुझको, कभी मेरा प्यार याद आता है, जिक्र जब कोई करता है मुहब्बत का, मुझको सनम तब तेरा ख्याल आता है,