अभिनव त्रिपाठी 'अभी' कवि, शायर सुल्तानपुर 'उत्तर प्रदेश'
रोटी के खातिर नया बसर दूंढ करके वो मुसाफिर चला गया डगर ढूंढ़ करके, जिस गांव से थी अबतक मोहब्बत उसे वो उसको भूला गया शहर ढूंढ करके... अभिनव त्रिपाठी 'अभी'