Shayar / Writer / Poet / Author -Dard Chahat Ka and Dil se Dil Tak
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तेरे दिए जख्मों को हम गिन नहीं सकते सदायें अपने दीवाने की तुम सुन नहीं सकते। मैं एक फूल हूँ टुटा हुआ गुंचा ऐ चमन का दिल के हार में इसे तुम बन नहीं सकते।