अपना परिचय जाेडे
जब स्त्री और पुरुष हैं दोनों, इस जग के आधार फिर ये पुरुष हमें ही क्यों, समझे हैं बेकार जब स्त्री और पुरुष हैं दोनों, इस जग के आधार फिर ये पुरुष हमें ही क्यों, समझे ...
ये जग मेरे लिए नहीं, ये जान कर अनजान हूँ इसको आगे ले जाने की, इकलौती पहचान हूँ ये जग मेरे लिए नहीं, ये जान कर अनजान हूँ इसको आगे ले जाने की, इकलौती पहचान ह...
पेड़, पौधे और खलिहान, ये सब थे मेरे उपकार सर्वनाश किया इन सबका, दिया प्रकृति को दुत्क पेड़, पौधे और खलिहान, ये सब थे मेरे उपकार सर्वनाश किया इन सबका, दिया प्रकृति...