मैं एक शायर मिज़ाज़ शख्स हूँ, बातें करता हूँ, हुस्न की, इश्क की, दर्दो गम की, अल्फाज़ो से खेलना मेरा शौख है, और अल्फाज़ो में ज़ज़्बात पिरोना मेरी कारीगरी, अपने कलम को ज़ुबाँ दे रखी है, और खुद सिर्फ मुस्कुराता हूँ, हर पल, हर घड़ी, क्योंकि, में एक शायर मिज़ाज़ शख्स हूँ.....
Share with friends
No Quote contents submitted.